उपनाम: FII
भारतीय शेयर बाजार पांचवें लगातार सत्र में गिरा, Nifty 25,000 के नीचे स्लाइड हुआ और निवेशकों ने लगभग ₹9 लाख करोड़ का नुकसान झेला। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने $21 बिलियन की भारी निकासी की, जिससे बाजार में दबाव बढ़ा। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताएँ, यूएस डॉलर की ताक़त और घरेलू नीति‑संकट ने इस गिरावट को तेज़ किया। वित्तीय सेवाएँ और आईटी सेक्टर सबसे अधिक प्रभावित हुए। RBI और SEBI ने स्थिति को स्थिर करने के लिए कई कदम उठाए हैं।