उत्तर प्रदेश की सरकारी कार्यालयों और स्कूलों में एक बड़ी सुखद खबर मिली है। राज्य सरकार ने राम नवमी त्यौहार के मौके पर छुट्टियों की अवधि बढ़ाकर दो लगातार दिनों कर दी है। इस फैसले से नागरिकों और विशेषकर श्रद्धालुओं को पूजापाठ और यात्रा का अधिक समय मिलेगा। बुधवार, 25 मार्च 2026 को जारी किए गए आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, अब 26 और 27 दोनों तारीखें पर्व के अवसर पर आधिकारिक छुट्टी मानी जाएंगी।
योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री ने इस निर्णय को देवभूमि और सांसकृति संस्कृति के प्रति सरकार के समर्पण के रूप में लिया है। उनका कहना था कि भक्तों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यह व्यवस्था आवश्यक थी। अगर पहले केवल 26 मार्च छुट्टी थी, तो अब स्थिति बदल गई है। यह फैसला सिर्फ एक प्रशासनिक आदेश नहीं, बल्कि जन भावनाओं को महत्व देने की एक पहल थी।
प्रशासनिक बदलाव और न्यायालयों की योजना
मौसम की बात करें तो यह निर्णय सभी को थोड़ा चौंका दिया। क्योंकि पहले ही न्यायालयों के लिए 26 मार्च को छुट्टी तय थी, लेकिन अब स्थिति उलट गई है। आदतन कोर्ट 26 को बंद रहने वाले थे, लेकिन अब वे खुले रहेंगे। इसके बजाय, 27 मार्च को सभी न्यायालय बंद रहेंगे ताकि कर्मचारियों को भी उत्सव मनाने का समय मिले। यह एक अनूठा प्रबंधन कदम है जिससे काम का कोई बाधा नहीं पड़ेगा।
उत्तर प्रदेश पुलिस ने कहा कि इस दौरान ट्रैफिक और भीड़ नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि स्वच्छता और सुरक्षा की कोई कमी न रहने दें। उन्होंने कहा कि भक्तों को पेय जल, रोशनी और अन्य सुविधाएं बिना किसी कसर के उपलब्ध कराई जाएं।
अयोध्या में सुरक्षा की खास तैयारियां
अयोध्या जैसे प्रमुख क्षेत्रों में भीड़ प्रबंधन का काम बहुत मुश्किल होता है। निखिल टिकराम फंडे, जिला मगistrate और वहां के पुलिस अधिकारियों ने गिरवी की तैयारियों की जांच की। उन्होंने कहा कि चैत्र नवरात्री से ही तैनाती शुरू हो चुकी है। रोजाना आने वाले दर्शनार्थियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, इसलिए सुरक्षा घेरे को व्यापक बनाया गया है।
अयोध्या शहर में ट्रैफिक के दो सेक्टर बनाए गए हैं। राजेश कुमार, पोलीस कमिश्नर ने बताया कि राम मंदिर और हनुमानगढ़ी से लेकर घाटों तक सुरक्षा दायरा बनाया गया है। हर हालत में आपातकालीन कार्यवाही के लिए स्टाइल ऑपरेशन प्रोटोकॉल (SOPs) तैयार हैं। इससे स्पष्ट है कि प्रशासन की तरफ से कोई रिस्क नहीं ली जा रही है।
आगामी दिशा और भक्ति का माहौल
उद्योगपतियों और आम लोगों की समस्या का हल भी इसमें शामिल है। कई बार त्योहारों पर इज्जातदार लोग अपने घरों से निकलकर नहीं आ पाते, लेकिन अब दो दिन का मौका उन्हें मिल रहा है। राम नवमी उत्सव के दौरान अंतरराज्यीय भीड़ का अनुमान लगाया गया है। इसलिए परिवहन व्यवस्था में भी सुधार किया जा रहा है।
प्रांत के राष्ट्रपति दroupadi murmu ने भी लोगों को श्लोकार्जन करने और देश सेवा की शपथ लेने की अपील की है। उनकी बात यह है कि मनाकों की पवित्रता का ध्यान रखते हुए सामाजिक समरसता बनाए रखें। यह संदेश इस बात का संकेत है कि त्योहार को कोई हिंसा का नहीं, बल्कि शांति का पाठ माना जाना चाहिए।
Frequently Asked Questions
क्या 26 मार्च को न्यायालय खुले रहेंगे?
हाँ, 26 मार्च को न्यायालयों के कार्यालय सामान्य ढंग से खुले रहेंगे। मूल योजना के अनुसार जो छुट्टी थी उसे 27 मार्च को स्थानांतरित कर दिया गया है।
अयोध्या में सुरक्षा व्यवस्था कैसी रहेगी?
अयोध्या शहर को सेक्टरों में विभाजित किया गया है। विशेष पुलिस बल, ट्रैफिक मैनेजमेंट और आपातकालीन प्रोटोकॉल लागू किए गए हैं ताकि लाखों श्रद्धालुओं का प्रवेश सुरक्षित हो सके।
छुट्टी का फैसला क्यों लिया गया?
सरकार ने मंदिरों में जाने वाले बढ़ते श्रद्धालुओं की संख्या और उनकी सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया। यह जन भावनाओं के सम्मान के आधार पर लिया गया है।
क्या अन्य शहरों में भी छुट्टी है?
इस आदेश के तहत पूरे उत्तर प्रदेश में सरकारी कार्यालयों और शिक्षण संस्थानों के लिए 26 और 27 मार्च को छुट्टी घोषित की गई है।
सुरक्षा अधिकारी किन्होंने पूरी की है?
डीएम निखिल फंडे, एएसपी गौरव ग्रोवर और पुलिस कमिश्नर राजेश कुमार ने मिलकर अंतिम जांच और तैनाती पूरी की है।
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